Public Sector Bank’s are all set to start doorstep banking service

While the Doorstep Banking was prescribed by the RBI a few years ago, the Public Sector Lenders have come together to appoint a common service provider to handle this for all their customers.

The State-run banks are now set to implement doorstep banking for millions of consumers - including the facility to deposit and withdraw cash -  making life easier for senior citizens and disabled.

KEY HIGHLIGHTS

  • India's largest public sector bank, SBI already offers doorstep banking service
  • Doorstep banking is part of the government's Enhanced Access and Service Excellence, or EASE, programme
  • Initially, the doorstep banking facility will be available to only senior citizens and the disabled

UCO Bank has floated a 'Request for Proposal' on behalf of all public sector banks seeking private players to run the facility that will come with a call centre, website and a mobile app through which service requests can be lodged. (Please click on the following link to access the RFP document: Request for Proposal (RFP) for Selection of Service Provider for Implementation of Door Step Banking Services (DSB) through Universal Touch Points (UTP)

The service provider hired by the Bank will provide agents who will provide financial as well as Non-financial services with the cash deposit and withdrawal facility through hand-held devices coming in the second phase.

Initially the Doorstep Banking facility will be available to senior citizens and the disabled, who often find it difficult to visit the branches. In due course of time it will be extended to other consumers who may have to pay a nominal fee in case they want to avoid a branch visit.

Doorstep Banking is part of the Government's Enhanced Access and Service Excellence, or EASE programme. Under this, banks have come together to float this initiative along with common working hours and a revamp of branches, which may soon sport a common look. The first Bank to start Doorstep Banking was SBI.

The RFP has specified stiff norms, mandating that all requests for service lodged upto a certain time during a day have to be responded to on the same day. Request mandate after the cut-off time will have to be handledin the first half of the next day. Banks will sign a deal with the contractor for three years, which can be extended by another two years.

Source: Times of India & Dainik Bhaskar


पब्लिक सेक्टर बैंक भी देंगे डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा, घर बैठ कर सकेंगे डिपोजिट और विड्रॉ

हाईलाइट

  •  PSB अपने लाखों ग्राहकों के लिए डोरस्टेप बैंकिंग सेवा शुरू करने जा रहे हैं
  •  इस सुविधा का उपयोग कर ग्राहक पैसा डिपोजिट और विड्रॉ दोनों कर सकेंगे
  •  सभी ग्राहकों को सेवा देने के लिए एक सामान्य सेवा प्रदाता नियुक्त किया जाएगा
  • पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) अपने लाखों ग्राहकों के लिए डोरस्टेप बैंकिंग सेवा शुरू करने जा रहे हैं। इस सुविधा का उपयोग कर ग्राहक पैसा डिपोजिट और विड्रॉ दोनों कर सकेंगे। आरबीआई ने कुछ साल पहले डोरस्टेप बैंकिंग को शुरू करना निर्धारित किया था। सार्वजनिक क्षेत्र के लेंडर अपने सभी ग्राहकों को सेवा देने के लिए एक सामान्य सेवा प्रदाता नियुक्त करने जा रहे हैं।यूको बैंक ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से एक 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (RFP) मंगवाया है। जिसमें प्राइवेट प्लेयर्स से इस सुविधा को रन करने के लिए कहा गया है। इस सुविधा में कॉल सेंटर, वेबसाइट और एक मोबाइल ऐप के जिरए सेवा अनुरोध दर्ज किया जा सकते हैं। बैंक जिस सेवा प्रदाता को हायर करेगा वह बैंकों को एजेंटों प्रोवाइड कराएंगे। ये एजेंट दूसरे चरण में पोर्टेबल उपकरणों के माध्यम से नकद जमा और निकासी की सुविधा के साथ-साथ वित्तीय और गैर-वित्तीय सेवाएं प्रदान करेंगे।

    शुरुआत में, वरिष्ठ नागरिकों और विकलांगों को डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिन्हें अक्सर बैंक जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के प्रमुख ने कहा कि समय के साथ, इसे अन्य उपभोक्ताओं के लिए बढ़ाया जाएगा। इसके लिए उन्हें मामूली शुल्क देना होगा। डोरस्टेप बैंकिंग सरकार की बढ़ी पहुंच और सेवा उत्कृष्टता, या EASE, कार्यक्रम का हिस्सा है।

    RFP के सेवा मानदंड में कहा गया है कि एक दिन के दौरान एक निश्चित समय तक दर्ज किए गए सेवा के सभी अनुरोधों का उसी दिन निपटारा करना है। कट-ऑफ समय के बाद किए गए अनुरोधों को अगले दिन फर्स्ट हाफ तक पूरा करना होगा। बैंक तीन साल के लिए एक कॉन्ट्रैक्टर के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसे अगले दो वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।

    इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए डोर-स्टेप बैंकिंग सुविधा शुरू की थी। अब सीनियर सिटीजंस, दिव्यांगों और अन्य स्पेशल लोगों को बैंक नहीं जाना पड़े इसे देखते हुए ये सविधा शुरू की गई थी। इस नई सेवा के तहत लोग घर बैठे ही रुपए के लेन-देन समेत बैंक के तमाम काम कर सकते हैं। इसके लिए ग्राहक को एसबीआई की होम ब्रांच में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होता है।

 

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